पागल मन
Wednesday, 30 May 2012
क़द्र की होती, जो अगर तेरे प्यार की
तो शायद जिंदगी ने मुझे अपना लिया होता !!
ना कहर बरपाता, गमो का सूरज हम पर इतना
जो आँचल तेरे प्यार का हमने ओढ़ लिया होता !!
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